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Ayodhya Ram Mandir — Chalisa Ghar
माँ दुर्गा के १०८ पावन नाम (अष्टोत्तर शतनामावली) — माँ दुर्गा

माँ दुर्गा के १०८ पावन नाम (अष्टोत्तर शतनामावली)

Dedicated to माँ दुर्गाहिन्दी (Hindi)

॥ श्री ॥

॥ श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनामावली ॥

श्री दुर्गा सप्तशती एवं शाक्त आगमों में वर्णित माँ भगवती दुर्गा के १०८ दिव्य नाम।


नामावली पाठ का महत्व

नवरात्रि, मंगलवार एवं शुक्रवार को माँ दुर्गा को लाल पुष्प (गुड़हल या गुलाब) अर्पित करते हुए प्रत्येक नाम के साथ ‘नमः’ बोलकर नाम जपने से अखंड सौभाग्य, विजय और सर्व संकटों से मुक्ति मिलती है।


सम्पूर्ण १०८ नामावली एवं भावार्थ

क्र. ॐ नाम नमः अर्थ
1 ॐ सती नमः अग्नि में भस्म होकर भी सत्य स्वरूप
2 ॐ साध्वी नमः परम पवित्र आचरण वाली
3 ॐ भवप्रीता नमः भगवान शिव पर प्रीति रखने वाली
4 ॐ भवानी नमः ब्रह्मांड की जननी व जीवनदात्री
5 ॐ भवमोचनी नमः संसार रूपी भवबंधन से छुड़ाने वाली
6 ॐ आर्या नमः परम श्रेष्ठ व पूजनीया
7 ॐ दुर्गा नमः दुर्गम संकटों का नाश करने वाली
8 ॐ जया नमः सदा विजय दिलाने वाली
9 ॐ आद्या नमः सृष्टि की आदि शक्ति
10 ॐ त्रिनेत्रा नमः तीन नेत्रों वाली (भूत, वर्तमान, भविष्य)
11 ॐ शूलधारिणी नमः हाथ में त्रिशूल धारण करने वाली
12 ॐ पिनाकधारिणी नमः पिनाक धनुष को धारण करने वाली
13 ॐ चित्रा नमः अनेक आश्चर्यजनक रूपों वाली
14 ॐ चन्द्रघण्टा नमः घंटे के आकार का चंद्रमा धारण करने वाली
15 ॐ महातपा नमः कठोर तपस्या करने वाली
16 ॐ मनस् नमः मन की अधिष्ठात्री चेतना
17 ॐ बुद्धि नमः सम्यक विवेक और ज्ञान स्वरूप
18 ॐ अहंकारा नमः आत्म-अस्तित्व का भान कराने वाली
19 ॐ चित्तरूपा नमः चेतना और चित्त का साक्षात रूप
20 ॐ चिता नमः चेतना की ज्योति
21 ॐ चिति नमः सर्वव्यापी संवित् शक्ति
22 ॐ सर्वमन्त्रमयी नमः समस्त वेदों और मंत्रों का मूल
23 ॐ सत्ता नमः परम सत्य और अस्तित्व
24 ॐ सत्यानन्दस्वरुपिणी नमः सत्य और आनंद का साक्षात स्वरूप
25 ॐ अनन्ता नमः जिसका कोई अंत नहीं, असीम
26 ॐ भाविनी नमः संसार की उत्पत्ति करने वाली
27 ॐ भाव्या नमः ध्यान करने योग्य परम देवी
28 ॐ भव्या नमः भव्य, सुंदर और कल्याणमयी
29 ॐ अभव्या नमः संसार के बंधनों से सर्वथा परे
30 ॐ सद्गति नमः सच्चे भक्तों को मुक्ति देने वाली
31 ॐ शाम्भवी नमः भगवान शंभु की परम शक्ति
32 ॐ देवमाता नमः समस्त देवताओं की माता (अदिति)
33 ॐ चिन्ता नमः सद्विचार और चिंतन का रूप
34 ॐ रत्नप्रिया नमः रत्नों और आभूषणों से अलंकृत
35 ॐ सर्वविद्या नमः समस्त ६४ कलाओं व विद्याओं की स्वामिनी
36 ॐ दक्षकन्या नमः प्रजापति दक्ष की तपस्वी पुत्री
37 ॐ दक्षयज्ञविनाशिनी नमः दक्ष के घमंड और यज्ञ को नष्ट करने वाली
38 ॐ अपर्णा नमः तपस्या में सूखे पत्ते भी न खाने वाली
39 ॐ अनेकवर्णा नमः अनेक रंगों और रूपों वाली
40 ॐ पाटला नमः गुलाब और पाटल पुष्पों के समान कांति
41 ॐ पाटलावती नमः लाल वस्त्र धारण करने वाली
42 ॐ पट्टाम्बरपरीधाना नमः रेशमी पीतांबर से सुसज्जित
43 ॐ कलमञ्जीररञ्जिनी नमः मधुर ध्वनि करने वाली पायल पहनने वाली
44 ॐ अमेयविक्रमा नमः जिसके पराक्रम की कोई सीमा न हो
45 ॐ क्रूरा नमः दुष्ट असुरों के लिए अत्यंत कठोर
46 ॐ सुन्दरी नमः त्रिभुवन में सबसे मनोरम रूप वाली
47 ॐ सुरसुन्दरी नमः दिव्य अप्सराओं से भी अधिक कांतिमान
48 ॐ वनदुर्गा नमः वनों और प्रकृति की रक्षक शक्ति
49 ॐ मातङ्गी नमः वाणी और संगीत की महादेवी
50 ॐ मतङ्गमुनिपूजिता नमः ऋषि मतंग द्वारा पूजित
51 ॐ ब्राह्मी नमः ब्रह्मा जी की सृजनात्मक शक्ति
52 ॐ माहेश्वरी नमः भगवान महेश्वर की शक्ति
53 ॐ ऐन्द्री नमः इंद्र की वज्र शक्ति स्वरूप
54 ॐ कौमारी नमः कुमार कार्तिकेय की शक्ति
55 ॐ वैष्णवी नमः भगवान विष्णु की गरुड़वाहिनी शक्ति
56 ॐ चामुण्डा नमः चण्ड और मुण्ड का वध करने वाली
57 ॐ वाराही नमः वराह रूप धारण करने वाली शक्ति
58 ॐ लक्ष्मी नमः धन, धान्य व वैभव की दात्री
59 ॐ पुरुषप्रकृति नमः शिव और शक्ति का संयुक्त स्वरूप
60 ॐ विमला नमः निर्मल और पापरहित
61 ॐ उत्कर्षिणी नमः भक्तों की आत्मा को उन्नत करने वाली
62 ॐ ज्ञाना नमः ब्रह्मज्ञान स्वरूप
63 ॐ क्रिया नमः ब्रह्मांड की समस्त क्रिया शक्ति
64 ॐ नित्या नमः सनातन, शाश्वत और अविनाशी
65 ॐ बुद्धिदा नमः सद्विवेक और विद्या प्रदान करने वाली
66 ॐ बहुला नमः असंख्य रूपों में प्रकट होने वाली
67 ॐ बहुलप्रेमा नमः समस्त जीवों पर अपार प्रेम रखने वाली
68 ॐ सर्ववाहनवाहना नमः समस्त वाहनों पर आरूढ़ होने वाली
69 ॐ निशुम्भशुम्भहननी नमः शुंभ और निशुंभ का वध करने वाली
70 ॐ महिषासुरमर्दिनी नमः महिषासुर का संहार करने वाली
71 ॐ मधुकैटभहन्त्री नमः मधु और कैटभ दैत्यों का नाश करने वाली
72 ॐ चण्डमुण्डविनाशिनी नमः चण्ड-मुण्ड का अंत करने वाली
73 ॐ सर्वासुरविनाशा नमः समस्त आसुरी शक्तियों का नाश करने वाली
74 ॐ सर्वदानवघातिनी नमः दुष्ट दानवों को दंड देने वाली
75 ॐ सर्वशास्त्रमयी नमः समस्त शास्त्रों और वेदों का सार
76 ॐ सत्या नमः परम सत्य स्वरूप
77 ॐ सर्वास्त्रधारिणी नमः सभी दिव्य अस्त्र-शस्त्र धारण करने वाली
78 ॐ अनेकशस्त्रहस्ता नमः अनेक हाथों में अस्त्र धारण करने वाली
79 ॐ अनेकास्त्रस्य धारिणी नमः दिव्यास्त्रों की स्वामिनी
80 ॐ कोमारी नमः सदा नवीन और निष्पाप
81 ॐ एककन्या नमः अद्वितीय कन्या स्वरूप
82 ॐ कैशोरी नमः नित्य किशोर भाव में स्थित
83 ॐ युवती नमः सदा यौवन और ऊर्जा से परिपूर्ण
84 ॐ यति नमः इंद्रियों को वश में रखने वाली
85 ॐ अप्रौढा नमः वृद्धावस्था से रहित, नित्य तरुण
86 ॐ प्रौढा नमः परम परिपक्व ज्ञान स्वरूप
87 ॐ वृद्धमाता नमः सृष्टि की सबसे पुरातन माता
88 ॐ बलप्रदा नमः शारीरिक व आत्मिक बल देने वाली
89 ॐ महोदरी नमः अपने उदर में ब्रह्मांड को समाने वाली
90 ॐ मुक्तकेशी नमः खुले केशों वाली महाकाली स्वरूप
91 ॐ घोररूपा नमः दुष्टों के लिए भयानक रूप वाली
92 ॐ महाबला नमः असीम सामर्थ्य से संपन्न
93 ॐ अग्निज्वाला नमः प्रचंड अग्नि शिखा के समान तेज
94 ॐ रौद्रमुखी नमः क्रोधित मुख मुद्रा से शत्रुओं को कंपाने वाली
95 ॐ कालरात्रि नमः अंधकार और मृत्यु का नाश करने वाली
96 ॐ तपस्विनी नमः परम तप में लीन रहने वाली
97 ॐ नारायणी नमः भगवान नारायण की भगिनी व शक्ति
98 ॐ भद्रकाली नमः कल्याणकारी काली स्वरूप
99 ॐ विष्णुमाया नमः संसार को संचालित करने वाली माया
100 ॐ जलोदरी नमः जल रूपी ब्रह्मांड में वास करने वाली
101 ॐ शिवदूती नमः भगवान शिव को दूत बनाकर भेजने वाली
102 ॐ कराली नमः विकराल व संहारक शक्ति स्वरूप
103 ॐ अनन्ता नमः अविनाशी और अनन्त शक्ति
104 ॐ परमेश्वरी नमः समस्त ईश्वरों की परम स्वामिनी
105 ॐ कात्यायनी नमः महर्षि कात्यायन की कन्या स्वरूप
106 ॐ सावित्री नमः सूर्य के तेज की प्रकाशिका
107 ॐ प्रत्यक्षा नमः भक्तों को साक्षात दर्शन देने वाली
108 ॐ ब्रह्मवादिनी नमः ब्रह्मज्ञान का उपदेश देने वाली

फलश्रुति

जो भक्त नित्य नियम से माँ दुर्गा के इन १०८ पावन नामों का पाठ करता है, उसे जीवन में किसी भी प्रकार का भय नहीं रहता। दारिद्र्य, शत्रु बाधा और असाध्य रोग नष्ट होकर सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

॥ इति श्री शुभम् ॥