॥ श्री ॥
॥ दोहा ॥ नमो नमो नरसिंह प्रभु, भक्त प्रह्लाद सहाय। खम्भ फाड़ि प्रकटे विकट, सकल असुर संहाय॥
॥ चौपाई ॥
जय नृसिंह जय जग के त्राता। भक्तन के भय संकट हर्ता॥
हिरण्यकश्यपु को संहारा। धर्म विजय का मार्ग पसारा॥
॥ इति श्री शुभम् ॥

॥ दोहा ॥ नमो नमो नरसिंह प्रभु, भक्त प्रह्लाद सहाय। खम्भ फाड़ि प्रकटे विकट, सकल असुर संहाय॥
जय नृसिंह जय जग के त्राता। भक्तन के भय संकट हर्ता॥
हिरण्यकश्यपु को संहारा। धर्म विजय का मार्ग पसारा॥