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Ayodhya Ram Mandir — Chalisa Ghar
श्री पंचमुखी हनुमान कवच — भगवान हनुमान

श्री पंचमुखी हनुमान कवच

Dedicated to भगवान हनुमानहिन्दी (Hindi)

॥ श्री ॥

॥ श्री पंचमुखी हनुमान कवचम् ॥

भगवान श्री रामचंद्र जी की आज्ञा से समस्त दिशाओं और उपद्रवों से रक्षा हेतु प्रकट पावन कवच।


पंचमुखों का रहस्य

  1. पूर्व मुख (वानर): करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी, समस्त शत्रुओं और दुष्टों का नाश करने वाला।
  2. दक्षिण मुख (नृसिंह): समस्त भूत, प्रेत, पिशाच और दैत्यों को भयभीत करने वाला।
  3. पश्चिम मुख (गरुड़): विषैले सर्पों, बिच्छुओं और समस्त विष-दोषों का समूल नाश करने वाला।
  4. उत्तर मुख (वराह): पाताल और पृथ्वी के समस्त उपद्रवों, ग्रह बाधाओं को शांत करने वाला।
  5. ऊर्ध्व मुख (हयग्रीव): समस्त विद्या, ज्ञान, बुद्धि और मोक्ष प्रदान करने वाला।

प्रमुख ध्यान मंत्र

वन्दे वानर-नारसिंह-खगराट्-क्रोडाश्व-वक्त्रान्वितं
दिव्यालंकरणं त्रिपञ्चनयनं देदीप्यमानं रुचा।
हस्ताब्जैरसिखेट-पुस्तक-सुधाकुम्भांकुशादीन् वरान्
खट्वाङ्गं च दधानमद्भुततमं पञ्चाननं मारुतिम्॥

भावार्थ: वानर, नृसिंह, गरुड़, वराह और हयग्रीव—इन पाँच मुखों से युक्त, पंद्रह दिव्य नेत्रों वाले, अलौकिक आभूषणों से सुशोभित और अपने हाथों में खड्ग, ढाल, पुस्तक, अमृतकुंभ, अंकुश और खट्वांग धारण करने वाले अद्भुत पंचमुखी मारुति को मैं प्रणाम करता हूँ।


लाभ

शत्रु भय, कोर्ट-कचहरी के विवाद, नजर दोष और अकारण भय से मुक्ति मिलती है। घर में सकारात्मक ऊर्जा और शांति का वास होता है।

॥ इति श्री शुभम् ॥