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Ayodhya Ram Mandir — Chalisa Ghar
शारदीय व चैत्र नवरात्रि - घटस्थापना व नवदुर्गा पूजन — माँ नवदुर्गा (शैलपुत्री से सिद्धिदात्री)

शारदीय व चैत्र नवरात्रि - घटस्थापना व नवदुर्गा पूजन

Dedicated to माँ नवदुर्गा (शैलपुत्री से सिद्धिदात्री)हिन्दी (Hindi)

॥ श्री ॥

॥ पावन शक्ति पर्व नवरात्रि ॥

वर्ष में मुख्य रूप से दो बार मनाई जाने वाली नौ दिवसीय शक्ति उपासना—चैत्र (वासंतिक) एवं आश्विन (शारदीय) नवरात्रि।


नौ दिनों में माँ भगवती के नौ दिव्य स्वरूप

  1. प्रथम दिन: माँ शैलपुत्री (दृढ़ संकल्प ও स्थिरता)
  2. द्वितीय दिन: माँ ब्रह्मचारिणी (कठोर तप व संयम)
  3. तृतीय दिन: माँ चंद्रघंटा (साहस, शांति व भयमुक्ति)
  4. चतुर्थ दिन: माँ कूष्मांडा (सृष्टि की उत्पत्ति व आरोग्य)
  5. पंचम दिन: माँ स्कंदमाता (वात्सल्य व मोक्ष)
  6. षष्ठ दिन: माँ कात्यायनी (दुष्ट दलन व मनोवांछित फल)
  7. सप्तम दिन: माँ कालरात्रि (शत्रु नाश व निर्भयता)
  8. अष्टम दिन: माँ महागौरी (पवित्रता, सुख व शांति)
  9. नवम दिन: माँ सिद्धिदात्री (समस्त अष्ट सिद्धियों की दात्री)

कलश स्थापना एवं पूजन

प्रतिपदा के दिन शुभ मुहूर्त में जौ (जवारे) बोकर मंगल कलश की स्थापना की जाती है। नौ दिनों तक अखंड ज्योति प्रज्वलित कर दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाता है और अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन (कंजिका पूजन) कर व्रत पूर्ण किया जाता है।

॥ इति श्री शुभम् ॥