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Ayodhya Ram Mandir — Chalisa Ghar
हे शिव शंकर हे करुणाकर — भगवान शिव

हे शिव शंकर हे करुणाकर

Dedicated to भगवान शिवहिन्दी (Hindi)

॥ श्री ॥

॥ हे शिव शंकर हे करुणाकर ॥

हे शिव शंकर, हे करुणाकर, सुनो हमारी प्रार्थना।
भव-भय-हारी, मंगलकारी, काटो हमारे कष्ट ना॥


पद १

शीश गंग की धार विराजे, भाल पे चंदा सोहे।
गल नागों की माला साजे, रूप जगत मन मोहे॥
डमरू बाजे डम-डम-डम-डम, नाचे भोला भंडारी।
हे शिव शंकर, हे करुणाकर, सुनो हमारी प्रार्थना॥


पद २

विष पीकर जग अमृत दीन्हा, हे नीलकंठ दयाला।
भक्तों के सब संकट हरते, हे शंभू प्रतिपाला॥
हम बालक अज्ञान तिहारे, चरण-शरण में लीजे।
भक्ति-भाव का पावन अमृत, हम सबको प्रभु दीजे॥
हे शिव शंकर, हे करुणाकर, सुनो हमारी प्रार्थना॥


भावार्थ एवं भक्ति संदेश

यह भजन भगवान शिव के परम करुणामयी स्वरूप को समर्पित है। जिन्होंने सृष्टि के कल्याण हेतु हलाहल विष का पान कर नीलकंठ नाम पाया, वे भोलेनाथ अपने भक्तों के तनिक से जल व बेलपत्र से ही प्रसन्न होकर भवसागर के समस्त कष्टों का निवारण कर देते हैं।

॥ इति श्री शुभम् ॥